गोविंदपुर। ऐतिहासिक रेजली तालाब के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य पिछले ढाई वर्षों से अधर में लटका हुआ है। डीएमएफटी फंड से 5 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा यह काम मानसून से पहले पूरा होता नहीं दिख रहा है। शुक्रवार को नागरिक समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ अधिवक्ता जयकुमार, उपाध्यक्ष आनंद जायसवाल और अन्य पदाधिकारियों के साथ कार्यस्थल का निरीक्षण किया और संवेदक (ठेकेदार) से बात की। साथ ही लघु सिंचाई विभाग की सहायक अभियंता राजेश्वरी चंद्रा से काम में तेजी लाने की अपील की।सहायक अभियंता ने बताया कि अब तक तालाब का 45 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जमीन विवाद, अतिक्रमण, ग्रामीणों के विरोध और संवेदक की ढिलाई के कारण कार्य में देरी हुई। पूर्व में उपायुक्त आदित्य रंजन ने मौके पर पहुंचकर जमीन विवाद सुलझाया था, जिसके बाद 1400 मीटर लंबी चहारदीवारी का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। आगे तालाब के चारों ओर स्टील की रेलिंग, पेवर ब्लॉक, एक छोटा पार्क, टिकट काउंटर, मुख्य द्वार और बलियापुर मुख्य सड़क पर पॉलीकार्बोनेट सीट लगाने की योजना है।कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का शिलान्यास 4 नवंबर 2023 को तत्कालीन सांसद पीएन सिंह ने किया था। नागरिक समिति ने आशंका जताई है कि इस बारिश से पहले भी काम पूरा नहीं हो पाएगा। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि कार्य जल्द पूर्ण नहीं हुआ, तो अगले हफ्ते एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त और उप विकास आयुक्त से मिलकर इस मामले को उठाएगा।
