मैथन। मैथन के समीप स्थित एक पुराना और जर्जर जलमीनार स्थानीय आबादी के लिए बड़ा खतरा बन गया है। समाजसेवी रंजीत महतो और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह जलमीनार पूरी तरह कमजोर हो चुका है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खास बात यह है कि इसके आसपास घनी आबादी है और प्रतिदिन सैकड़ों कॉलेज छात्र-छात्राओं का यहां से आना-जाना लगा रहता है।### मंडरा रहा है भीषण जल संकट का खतरायदि यह जलमीनार अचानक ध्वस्त होता है, तो जान-माल के भारी नुकसान के साथ-साथ क्षेत्र की 5 पंचायतों के लगभग 50 हजार लोग गंभीर जल संकट की चपेट में आ जाएंगे। भीषण गर्मी के इस दौर में जलमीनार के क्षतिग्रस्त होने पर लोगों को करीब छह महीने तक पानी के लिए तरसना पड़ सकता है।
उपायुक्त से त्वरित कार्रवाई की मांग: इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने धनबाद उपायुक्त (DC) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने अनुरोध किया है कि इस जर्जर जलमीनार की शीघ्र तकनीकी जांच कराकर इसे ‘असुरक्षित’ घोषित किया जाए और जनता की सहूलियत के लिए जल्द से जल्द यहां नए जलमीनार का निर्माण कराया जाए।
