कच्चे तेल में उछाल का असर; हर श्रेणी के गार्बेज बैग में 10 रुपये तक की बढ़ोतरी, आम जनता परेशान
राँची। बढ़ती महंगाई के दौर में अब आम आदमी के लिए अपने घर और आसपास को साफ-सुथरा रखना भी महंगा होता जा रहा है। कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सीधा असर अब सीधे तौर पर स्वच्छता और दैनिक उपयोग की सामग्रियों पर दिखने लगा है. पेट्रोलियम बाय-प्रोडक्ट्स महंगे होने के कारण प्लास्टिक निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पॉलीमर की कीमतें बढ़ गई हैं. इसका नतीजा यह हुआ है कि घरों और दफ्तरों से कचरा निष्पादन (Disposal) के लिए इस्तेमाल होने वाले गार्बेज बैग (कचरा थैली) की कीमतों में भारी उछाल आया है.खुदरा व्यवसायियों के मुताबिक, बीते महज पंद्रह दिनों के भीतर ही सभी प्रकार के गार्बेज बैग की कीमतों में लगभग 10 रुपये प्रति डिब्बा तक की बढ़ोतरी हो चुकी है. स्मॉल से लेकर एक्स्ट्रा लार्ज तक, हर श्रेणी के बैग अब महंगे दामों पर मिल रहे हैं.
बाजार में आए इस उछाल के बाद गार्बेज बैग की नई कीमतें कुछ इस प्रकार तय हुई हैं:स्मॉल गार्बेज बैग: पहले 33 रुपये में मिलने वाला डिब्बा अब 40 रुपये का हो गया है। मीडियम गार्बेज बैग कीमत 45 रुपये से बढ़कर सीधे 55 रुपये, लार्ज गार्बेज बैग 60 रुपये के बजाय 70 रुपये में बिक रहा है। एक्स्ट्रा लार्ज गार्बेज बैग 90 रुपये से बढ़कर अब 100 रुपये का हो चुका है। छोटी-छोटी चीजों से बिगड़ रहा है घरेलू बजटव्यवसायियों का कहना है कि फैक्ट्रियों से ही तैयार माल (कच्चा माल महंगा होने के कारण) ऊंची कीमतों पर आ रहा है, जिसके चलते वे भी इसे पुराने दामों पर बेचने में असमर्थ हैं.
