लायन डीएवी पब्लिक स्कूल में भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन
रानीगंज। स्थानीय लायन डीएवी पब्लिक स्कूल में पांच दिवसीय ‘भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर’ (समर कैंप) का शानदार आयोजन किया गया। इस वर्ष शिविर का मुख्य विषय (थीम) भाषा अनेक भाव एक रखा गया था। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में देश की विविध भाषाओं, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना था।इस पांच दिवसीय शिविर में कक्षा पहली से सातवीं तक के लगभग 245 विद्यार्थियों और 30 शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। शिविर के दौरान पूरा परिसर लघु भारत के रूप में नजर आया।
सांस्कृतिक और भाषाई विविधताओं का संगम : शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रांतीय भाषाओं और संस्कृतियों को बेहद करीब से समझा। बच्चों ने अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से देश के कई राज्यों की कला को प्रदर्शित किया, जिनमें मुख्य रूप से मराठी और गुजराती संस्कृति। राजस्थानी और पंजाबी लोक कला, केरलियन, भोजपुरी और बांग्ला नृत्य इन विविध विधाओं और लोक नृत्यों के जरिए नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक भावनाओं को मंच पर उतारा और भारत की बहुरंगी संस्कृति का खूबसूरत परिचय दिया। बच्चों की इस ऊर्जावान भागीदारी ने पूरे शिविर को अत्यंत प्रेरणादायी और जीवंत बना दिया।
भाषाओं का सम्मान ही देश की ताकत: मंदिरा दे
स्कूल की प्राचार्या मंदिरा दे ने शिविर के सफल समापन पर गहरा संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां कदम-कदम पर भाषाएं और संस्कृतियां बदलती हैं, लेकिन हमारी आत्मा एक है। हमें अपनी इन विविध भाषाओं और संस्कृतियों का न केवल सम्मान करना चाहिए, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। यही विविधता हमारे देश की असली ताकत है।
