कतरास। कतरास बाजार स्थित बकरहट्टा (हटिया) में मंगलवार को धनबाद नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हुए कई अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया और निगम टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने गरीब दुकानदारों और अस्थायी झोपड़ियों को निशाना बनाया, जबकि पास में मौजूद पक्के अवैध निर्माणों पर केवल औपचारिक कार्रवाई कर छोड़ दिया गया। एक गरीब महिला की बांस की झोपड़ी को सब्जियों समेत जेसीबी से उखाड़ दिया गया, जिससे उसकी सब्जियां सड़क पर बिखर गई। वहीं दूसरी ओर कई पक्के शेड और निर्माणों को सिर्फ हल्का नुकसान पहुंचाकर छोड़ दिया गया।

कार्रवाई के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए और निगम अधिकारियों तथा दुकानदारों के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कतरास पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। तनाव शांत होने के बाद सीमा देवी, सागर रवानी, बलराम चौधरी, अमित राणा, मधु ठाकुर और मुन्ना राणा समेत छह से सात दुकानों को ध्वस्त किया गया। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है और सिर्फ कमजोर व गरीब लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

वहीं नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम के अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि निगम को सूचना मिली थी कि हटिया क्षेत्र में 50 से 60 फीट तक बांस-बल्लियों से अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है। पहले भी निर्माण रोकने का निर्देश दिया गया था, लेकिन नाली के ऊपर अस्थायी दुकानें बना ली गई थीं। उन्होंने कहा कि सभी अतिक्रमण हटाकर क्षेत्र को खाली कराया गया है और दुकानदारों को नाली के पीछे रहने का निर्देश दिया गया है।नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में आवागमन और सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा।कार्रवाई के दौरान इंफोर्समेंट टीम के अनिल कुमार, रेवेन्यू ऑफिसर सचिन कुमार, बड़ा बाबू राकेश कुमार सिन्हा तथा कतरास पुलिस मौजूद रही।
“शहर में सुगम आवागमन और बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए अतिक्रमण मुक्त सड़क आवश्यक है। सभी दुकानदारों को नाली के पीछे रहने की सख्त हिदायत दी गई है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”— अनिल कुमार, इंफोर्समेंट टीम अधिकारी
