झरिया, 17 मई: स्टेशन रोड स्थित श्री सत्यनारायण मंदिर की संस्कृत पाठशाला में अधिक ज्येष्ठ मास (पुरुषोत्तम मास) के प्रथम दिन विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों और श्रद्धालुओं को गीता के पंद्रहवें अध्याय ‘पुरुषोत्तम योग’ का सस्वर अभ्यास कराया गया।
पाठशाला के शिक्षकों ने बताया कि आज से शुरू होकर एक महीने तक चलने वाले इस पवित्र माह में सनातन धर्मावलंबियों के घरों में प्रतिदिन गीता पाठ, विशेष पूजा-अर्चना और अखंड दीपदान सहित पुण्य के अनेक उपक्रम किए जाएंगे। कार्यक्रम में यह भी विस्तार से समझाया गया कि इस अधिक मास (मलमास) के दौरान विवाह, जनेऊ और गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक व शुभ कार्य क्यों वर्जित माने जाते हैं।धार्मिक चर्चा के साथ-साथ बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए संस्कृत में अंताक्षरी, पहाड़ा, संस्कृत संभाषण (वार्तालाप) और गीतों का रोचक अभ्यास कराया गया। शिक्षण का कार्य देवांशी त्रिवेदी, हर्षिता गोयल, प्रियंक भट्ट एवं वैष्णवी कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के अंत में सूरत से आए निलेश दवे द्वारा श्रद्धालुओं और बच्चों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रथम जोशी, वनन्या पांडे, सुमित कुमार, चेल्सी गोयल, प्राची, संजना, कुमकुम, लक्ष्मी, दिव्या, लाडो, गुनगुन, श्रद्धा, सौम्या, सोनाली, अनमोल, दिव्यांश, युगवीर साव, राजवीर, रितुराज, आदित्य, आदर्श, सूरज ठक्कर और रौनक कुमार सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित थे।
