सांसद-विधायक पर बरसे अशोक लाल, बोले — कॉलेज को बना दिया राजनीति का अखाड़ा
महुदा। महुदा इंटर महाविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विद्यालय के सचिव दीपनारायण शर्मा पर वित्तीय अनियमितता, ईपीएफओ घोटाला, कर्मचारियों का बकाया वेतन लंबित रखने, फर्जी तरीके से ईपीएफओ पंजीकरण कराने, फंड की हेराफेरी, दुरुपयोग एवं गबन जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए निगरानी समिति ने 18 मई से महाविद्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।धरना के दौरान निगरानी समिति के सदस्यों ने महाविद्यालय अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समिति सदस्यों ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय में लंबे समय से मनमानी और अनियमितताएं चल रही हैं, जिससे संस्था की छवि लगातार खराब हो रही है।निगरानी समिति के सदस्य प्रदीप महतो ने कहा कि वर्ष 2016 में जो लोग विद्यालय समिति में सक्रिय थे और जिन्होंने महाविद्यालय को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उन्हें विभिन्न बहानों से हटाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और समिति की अनदेखी की जा रही है।प्रदीप महतो ने सचिव दीपनारायण शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि सचिव द्वारा बैक डेट में निगरानी समिति को भंग करने का आदेश जारी किया जा रहा है, जबकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार ही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि निगरानी समिति संस्था की सर्वोच्च इकाई है।उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सचिव स्वयं पद नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें गर्दन पकड़ कर हटाया जाएगा।वहीं अनिश्चितकालीन धरना को समर्थन देने पहुंचे पूर्व मंत्री स्व. ओपी लाल के पुत्र अशोक लाल ने धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो पर जमकर निशाना साधा।अशोक लाल ने कहा कि महुदा इंटर महाविद्यालय वर्ष 1982 से संचालित हो रहा है, लेकिन पहले कभी इस प्रकार का विवाद नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि “जब से ये दोनों पद में आए हैं, तब से यहां विवाद और डिस्टरबेंस शुरू हो गया है। हिटलरशाही चल रही है।”उन्होंने कहा कि “ये लोग नहीं चाहते कि यहां के बच्चे शिक्षा हासिल कर सकें। इनके द्वारा शिक्षण संस्थानों को अड्डेबाजी का केन्द्र बनाया जा रहा है।अशोक लाल ने कतरास डीएवी विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि सांसद और विधायक की मंशा हमेशा से शिक्षण संस्थानों को अस्थिर करने की रही है। वे शिक्षण संस्थानो को अपना निजी संस्थान समझते हैं।उन्होंने कहा कि “अपने मनमर्जी से लोगों को जोड़ा और हटाया जा रहा है। यह हिटलरशाही अब नहीं चलेगी।”धरना में मौजूद लोगों ने भी महाविद्यालय में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
