राजगंज-सिजुआ मुख्य मार्ग को कृष्णा मंदिर के पास किया जाम, पुलिस और प्रबंधन के आश्वासन के बाद शांत हुआ आक्रोश
तेतुलमारी: बीसीसीएल कतरास क्षेत्र संख्या 4 के अंतर्गत वेस्ट मोदीडीह हरिजन टोला की महिलाओं ने सोमवार को अवैध कोयला मुहाना बंद कराने और सुरक्षित पुनर्वास की मांग को लेकर राजगंज-सिजुआ मुख्य मार्ग स्थित कृष्णा मंदिर के समीप जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर उतरी महिलाओं ने स्थानीय प्रशासन और बीसीसीएल कोलियरी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जताई।
सिर्फ खानापूर्ति करता है प्रबंधन, मंडरा रहा है बड़ा खतरा’
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कोलियरी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए:शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई: महिलाओं ने बताया कि लगभग दस दिन पूर्व भी धनबाद उपायुक्त (DC) और बीसीसीएल मुख्यालय को पत्र सौंपकर अवैध उत्खनन पर रोक लगाने तथा प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास की मांग की गई थी। इसके बावजूद प्रबंधन और प्रशासन ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की।दोबारा शुरू हुआ अवैध खनन: महिलाओं का आरोप है कि पिछले दिनों हुए विरोध के बाद प्रबंधन ने महज खानापूर्ति करते हुए कुछ अवैध मुहानों की भराई कर दी थी। लेकिन कुछ ही दिनों बाद वहां फिर से अवैध उत्खनन शुरू हो गया।दहशत का माहौल: लगातार हो रहे अवैध खनन के कारण क्षेत्र में कभी भी बड़ी दुर्घटना या भू-धंसान की आशंका बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोग चौबीसों घंटे भय के साए में जीने को मजबूर हैं।

पुलिस और अधिकारियों से तीखी बहस, आश्वासन पर खुला जाम
आंदोलन की सूचना मिलते ही सबसे पहले तेतुलमारी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं और पुलिस के सामने ही आक्रोश व्यक्त किया।सड़क जाम और प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चलता रहा। इसके बाद कतरास इंस्पेक्टर मो. रुस्तम, तेतुलमारी थाना प्रभारी विवेक कुमार चौधरी और स्थानीय पार्षद राममूर्ति सिंह उर्फ छोटू सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और शीघ्र ही अवैध उत्खनन पर पूर्ण रोक लगाने व दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद महिलाओं ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व और मुख्य भागीदारी महिलाओं की रही, जिसमें मुख्य रूप से कौशल्या देवी, मधु कुमारी, मीना देवी, देवंती देवी, सबिया देवी, अनीता देवी, कलावती देवी, तारा देवी, सुनैना देवी, रेखा देवी, सरस्वती देवी, मुनिया देवी, चमेली देवी सहित बड़ी संख्या में हरिजन टोला की स्थानीय महिलाएं शामिल थीं।
