झरिया। मुहर्रम की दशमी (यौम-ए-आशूरा) से ठीक एक दिन पहले, झरिया के ऐना इसलामपुर इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द और सेवा की एक खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच, स्थानीय छोटे बच्चों ने सड़क से गुजरने वाले राहगीरों की सेवा का बीड़ा उठाया। बच्चों ने राहगीरों को रोक-रोक कर ठंडा पानी और मीठा शरबत पिलाया, जिससे राहगीरों को इस तपती धूप में बड़ी राहत मिली।
10 वर्षों से जारी है सेवा का जज़्बा
राहगीरों की सेवा में जुटे बच्चों ने बेहद संजीदगी से बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से मुहर्रम के इस पाक मौके पर इस सेवा कार्य को अपने जज़्बे में शामिल किए हुए हैं। बच्चों का कहना था, “हम इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में इस शरबत के प्रोग्राम का आयोजन करते हैं। हमारी परवरदिगार से यही दुआ है कि हमारे मुल्क में अमन-चैन, भाईचारा और खुशियां हमेशा बनी रहें।”
इस नेक काम को सफल बनाने में बच्चों की टोली के साथ-साथ इलाके के बड़ों का भी पूरा सहयोग रहा। सेवा करने वाले बच्चों में अरमान, मोहम्मद हुसैन अंसारी, सहवाग राजा, अरमान अंसारी और फैसल अंसारी आदि थे। मार्गदर्शन करने वाले बड़े में स्थानीय सदर मंजूर साहब, मोहम्मद जावेद अंसारी, सोहराब अंसारी और सोनू अंसारी आदि ने बच्चों की हौसलाअफजाई की और व्यवस्था संभालने में मदद की।
इलाके के लोगों ने बच्चों के इस प्रयास की काफी सराहना की। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बच्चों में बचपन से ही सेवा और इंसानियत का यह जज़्बा देखना समाज के लिए एक बेहद सकारात्मक संदेश है।
